হাদীস বিএন


সিলসিলাতুল আহাদীসিস সহীহাহ





সিলসিলাতুল আহাদীসিস সহীহাহ (631)


631 - ` لا بل عارية مضمونة `.
أخرجه أبو داود (2 / 265) والبيهقي (6 / 89) وأحمد (6 / 465) عن شريك
عن عبد العزيز بن رفيع عن أمية بن صفوان بن أمية عن أبيه أن رسول الله صلى
الله عليه وسلم استعار منه أدراعا يوم حنين، فقال: أغصب يا محمد؟ . فقال:
فذكره.
قلت: وهذا سند ضعيف، وله علتان:
الأولى: جهالة أمية هذا، لم يورده ابن أبي حاتم ولا وثقه أحد ولهذا قال
الحافظ ` مقبول `. لكنه لم يتفرد به كما يأتي.
الثانية: شريك وهو ابن عبد الله القاضي وهو سيء الحفظ، وقد تابعه قيس بن
الربيع، ولكنه خالفه في إسناده، فأدخل بين عبد العزيز وأمية بن صفوان ابن
أبي مليكة. علقه البيهقي. وتابعه أيضا جرير لكنه قال: عن عبد العزيز عن
أناس من آل عبد الله بن صفوان أن رسول الله صلى الله عليه وسلم قال: يا صفوان
هل عندك من سلاح، قال: عارية أم غصبا، قال: لا بل عارية، فأعاره ما بين
الثلاثين إلى الأربعين درعا ... الحديث. أخرجه أبو داود وعنه البيهقي. ثم
أخرجه هذا من طريق أنس بن عياض الليثي عن جعفر بن محمد عن أبيه. أن صفوان أعار
رسول الله صلى الله عليه وسلم سلاحا هي ثمانون درعا فقال له أعارية،
مضمونة أم
غصبا؟ فقال رسول الله صلى الله عليه وسلم: فذكره. ثم قال: ` وبعض هذه
الأخبار وإن كان مرسلا فإنه يقوى بشواهده مع ما تقدم من الموصول `. ويشير
بقوله ` بشواهده ` إلى حديث جابر بن عبد الله وحديث ابن عباس. أما حديث جابر
، فأخرجه الحاكم (3 /




সাফওয়ান ইবনে উমাইয়াহ (রাদ্বিয়াল্লাহু আনহুমা) থেকে বর্ণিত,

রাসূলুল্লাহ সাল্লাল্লাহু আলাইহি ওয়াসাল্লাম হুনায়নের যুদ্ধের দিন তাঁর কাছ থেকে কিছু বর্ম ধার চাইলেন।
তিনি (সাফওয়ান) জিজ্ঞাসা করলেন: "হে মুহাম্মাদ, এটা কি জবরদখল (বা জোরপূর্বক গ্রহণ)?"
তিনি (রাসূলুল্লাহ সাল্লাল্লাহু আলাইহি ওয়াসাল্লাম) উত্তর দিলেন: "না, বরং এটি এমন ধার (আরিয়াহ) যা ফেরত দেওয়ার নিশ্চয়তা দেওয়া হলো (বা ক্ষতিপূরণযোগ্য ধার)।"

অন্য এক বর্ণনায় এসেছে, রাসূলুল্লাহ সাল্লাল্লাহু আলাইহি ওয়াসাল্লাম তাঁকে বলেছিলেন: "হে সাফওয়ান! আপনার কাছে কি কোনো অস্ত্র আছে?" তিনি বললেন: "এটা কি ধার হিসেবে, নাকি জোর করে কেড়ে নেওয়া হবে?" তিনি (রাসূলুল্লাহ সাল্লাল্লাহু আলাইহি ওয়াসাল্লাম) বললেন: "না, বরং তা ধার হিসেবেই নেওয়া হবে।" অতঃপর তিনি তাঁকে ত্রিশ থেকে চল্লিশটি বর্ম ধার দিয়েছিলেন।